Monday, June 8, 2020

Divya Kakran Biography in hindi

Divya Kakran Biography in hindi




 

कुस्ती का फाइनल मैच चल रहा है ,statdium में मजूद हजारो दर्सक उसका होसला अब्जाही कर रहे हैं ,कद्मे थोड़ी छोटी है ,लडको की तरह बाल रखती है .कुस्ती के रिंग में ही उसकी ज़िंदगी सिमटी हुई है .गोल्ड जितने की खुआसी है  , मैच रेफरी ने सिटी बजी और खेल सुरु हुआ .

बिरधि पहल्बान उसे कड़ी चुनती दे रहीं हैं ,मगर वोह लड़की इतने जल्दी हार मानने बाली नही है ,मुकब्बल बहुत कड़ा है ,मुकाबले में दोनों खिलाडी हार दुसरे पर हाबी होने की कोसीस कर रहें हैं .

लिकिन अब वोह बिरोधी पेहेल्बान पर पकड़ बना ली है ,उसकी आगे बिरोधी पेहेल्बान हार मानते नजर आ रहें हैं .ऐसा ही हुआ वोह महिला खिलाडी नि धुल चटा दी .वोह गोल्ड जीत गयी है .

स्टेडियम में चारों तरफ दर्शक ताली बजा रहें हैं ,रेफरी उसका हाथ ऊपर उठाकर बिजय घोषित कर रहा है ,लिकिन यह क्या उसकी आँखे स्टेडियम में किसीको ढूंड रही है .

गोल्ड जितने के बाद भी उसके मुहं में हलकी मुस्कान नही आई है .गोल्ड रिंग लेती ही वोह तेज़ी से रिंग से निकलती है .जैसे उसकी आँखे किसी केलिए तराश रही हो .वोह दौड़ते हुई बाहर  जाती है .

सड़क पर एक आदमी कपडे बेच रहे उसकी गोले में मेडल दाल देते हैं .गोले लगाकर रोने लगती है .अभी आँखे से आसू निकल रही है लिकिन वोह खुसी की  आसूं है .

यह देख कर वहां पे दर्सक और मीडिया कर्मी हेरान रहे जाते हैं .भाबुक पल के बाद पता चलता है की जो आदमी के गले में वोह गोल्ड मेडल पेहेनाया वोह उसके पिता है .

indore में रास्ट्रीय कुस्ती प्रतियोगिता में Divya Kakran ने  गोल्ड मेडल जीता .अभी तक जो अपने पढ़ा वोह दंगल का क्लाइमेक्स चीन है .लिकिन यह सची एंड ओइतिहसिक घटना है .आम आदमी का आत्मा को जोझ्कर रखदिया .

Divya Kakran का परिवार भुत तंग हाली में गुजरा .यह पहल्बानी घर चलने केलिए शुरू किया था .Divya Kakran मुज्जफ्फर नगर की रहेनी बाली है ,उसकी माँ पेहेल्बान केलिए कपड ब्सिल्ब्बने की काम करती है ,पिता आज भी लंघोत बेचते है .

इसके बाबुजुत भी घर की आम जरुरत पूरी नही होपाती है .पिता ने एक इंटरव्यू में कहा की अभी घर का गुज्जरा Divya Kakran कमाई पर चल पा रही है .

Divya Kakran ने रास्ट्रीय चैंपियनशिप में उत्तरप्रदेश की और से खेलने की फैसला क्या .उत्तर प्रदेश में पेहेल्बानी केलिए अच्छे इनामी रासी दिया जाता है .Divya Kakran दस साल की उम्र से पेहेल्बानी कर रही है .

दिव्या काकरान भारत की एक फ्रीस्टाइल पहलवान हैं। दिव्या ने दिल्ली राज्य चैम्पियनशिप में 17 स्वर्ण पदक सहित 60 पदक जीते हैं, और आठ बार भारत केसरी का खिताब जीता है।

 

 

 

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